श्रद्धा (3)सागर बीच फंसी है नैयाब्याकुल नहीं तनिक खेवैयाश्राद्धा पूर्ण बसी है पालों मेंये पार करा देगी रहियारोने से बेहतर विश्वास भरोजीवित रहने का अहसास करोश्राद्धा एक रमा कर मन में पाएगा बस खुशियाँ ही खुशियाँ